1.जो वर्ण की ध्वनि है वही उसका नाम हो ! ऐसा नहीं कि  वर्ण की ध्वनि ‘ह ‘ और नाम ‘ एच ‘ (H) 2.एक वर्ण से एक ही ध्वनि की अभिव्यक्ति हो ! A की तरह नहीं कि उच्चारण अ,आ,ए, ऐ हो !3.(क) एक ध्वनि के लिए एक ही वर्ण हो ! ऐसा नहीं कि ‘ क ‘ ध्वनि के लिए C, K, Q हो !(ख) ‘ र ‘ ध्वनि के छः रूपों ( श्रम,शर्म ,शरम,ट्रक, कृषि, ऋण ) की तरह नहीं हो !4.स्वर वर्ण के लिए स्पष्ट संकेत हो ! ऐसा नहीं कि A की तरह कई उच्चारण अ, आ, इ, ई हो !5.व्यंजन वर्ण के महाप्राण ध्वनि के लिए एक ही वर्ण हो ! ऐसा नहीं कि ‘ ध ‘ ध्वनि के लिए DH लिखें ! क्यों कि ‘ दह ‘ की भी अभिव्यक्ति होती है और दुविधा होती है !6.समय की मात्राओं के स्पष्ट संकेत हों ! कौन -सी ध्वनि कितने समय तक उच्चारित हो ! (क)चौथाई मात्रा -‘ क्रम’ में ‘ क ‘ का उच्चारण बहुत कम समय के लिए होता है !(ख)  आधी मात्रा – ‘ कल्प ‘ में ‘ ल ‘ का उच्चारण आधी मात्रा का होता है ! (ग) एक मात्रा – दीर्घ स्वर वर्ण (आ, ई, ऊ, ओ, औ) और संयुक्ताक्षर (क्ष, त्र, ज्ञ) को छोड़ सभी स्वर और व्यंजन वर्ण एक मात्रा के हैं ! (घ) दो मात्रा – स्वर वर्ण के आ, ई, ऊ, ऐ, ओ, औ, और संयुक्ताक्षर क्ष, त्र, ज्ञ दो मात्रा के हैं ! (ङ) तीन मात्रा को प्लुत कहते हैं ! वर्ण के बाद 3 ( तीन) लिखने पर वह वर्ण तीन मात्रा की हो जाती है ! जैसे – ओ3म या ओ३म !7.लिखे शब्द में वर्णों का क्रम उच्चारण की तरह ही हो, याने वर्तनी ( हिज्जा ) सही हो ! ‘ निर्देश ‘ में ‘ नि ‘ के बाद ‘ र  ‘ का उच्चारण होता है, लेकिन ऐसा नहीं लिखा जाता है! ‘ र ‘ को ‘ दे ‘ के बाद लिखा जाता है !8 . ह्रस्व इकार का संकेत गलत नहीं होना चाहिए !  ‘निश्चित ‘ में ‘ श’ ‘ पर भी इकार लगा है , जब कि इकार सिर्फ ‘च ‘ पर होना चाहिए !9.टाइपिंग के लिए कम ध्वनि संकेत हों ! देवनागरी लिपि से हिंदी टाइपिंग में 140(एक सौ चालीस) ध्वनि संकेत की तरह अधिक नहीं हो ! ‘ होडो़ सेंणा लिपि ‘ में मात्र 45(पैंतालीस) ध्वनि संकेत हैं !उपर्युक्त बातों पर जो लिपि खरी उतरती है वह आदर्श लिपि होगी ! लिपि की सही तकनीक पर आधारित होडो़ सेंणा लिपि की समीक्षा करें !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *