ABOUT / लिपि के बारे में

करीब हजार -बारह सौ साल पहले ब्राह्मी लिपि से विकसित हो कर नागरी या देवनागरी लिपि बनी थी ! अब तक अरबों लोगों ने ( खरब भी हो सकते हैं ) लिपि का उपयोग किया है ! अथाह धन और सम्मान भी कमाया ! लेकिन किसी ने भी देवनागरी लिपि की खामियों को नहीं सुधारा ! इसके पीछे क्या कारण थे यह मेरी जानकारी में नहीं है !
बहुत लोगों का मानना है कि देवनागरी लिपि में कोई भी कमी नहीं है ! लेकिन जब लिपि की कमियाँ जानेंगे तब आप भी लिपि सुधार से सहमत होंगे ! देवनागरी लिपि से विकसित होडो़ सेंणा लिपि बहुत सरल है ! नयी लिपि में देवनागरी की सभी कमियों का समाधान किया गया है !हिंदी टाइपिंग में जहाँ देवनागरी में एक सौ चालीस ध्वनि संकेतों की आवश्यकता होती है वहीं होडो़ सेंणा लिपि में सिर्फ पैंतालीस ध्वनि संकेतों की आवश्यकता होती है !
आपका
रवीन्द्र नाथ सुलंकी